🌺सहस्रमहावास्तू🌺 वास्तूकथा:१ जब निजी जीवनमें निर्बल अग्नीतत्वका परिणाम कोई गृहस्वामी को अनुभव होता है;तब आयुर्वेदिक उपचार पध्दतीका अवलंब करना ही चाहिये।आयुर्वेदिक वनस्पतियोंका प्रत्यक्ष परिणाम व्यक्तिके ह्रतुचक्रपर होनेसे मंगल की उर्जा-शुक्रकी इच्छाशक्ती-गुरूकी प्रजनन क्षमता-और रवीका परिपोषण-उत्पादनक्षमता जीवनमें अनुभव होना प्रारंभ हो जाता है।ये औषधी वनस्पति जीवनमें निर्बल अग्नीका परिणाम मिटाकर व्यक्तिगत जीवनमें एक चमत्कार जैसी क्रांती लाती है।अश्वगंधा जैसी वनस्पति अपने मस्तिष्क से जुड़े रसायन प्रक्रियामें विशेष सहभाग लेकर अनेक उर्जाचक्रोंमें गती लाती है।क्रौंच-बीज जैसी वनस्पती स्फूर्ति और ज़ोम लानेमें शीघ्र परिणामी साबित होती है ;इसलिये उसको पुरूष-वनस्पति नामसेही जाना जाता है।शरीरमें टेस्टोस्टेरॉनकी निर्मितीमें इस वनस्पति का शीघ्र उपाय होता है।आयुर्वेदमें सफ़ेद मुसली एक ऐसी दवा है ;जिससे निर्बल अग्नी का दोष दूर हो जाता है।इसलिये वास्तुशास्त्रज्ञको योग-ज्योतिष-आयुर्वेदिक उपायोंका प्राथमिक ग्यान होना ज़रूरी है।और इस प्रकार जब भी कोई व्याधी भवनदोषसे मिलती दिखायी देगी तो तुरंत उपचार बताना चाहिये।संयुक्त उपचार पध्दती यह सहस्रमहावास्तू की ख़ासियत है। 🌈डॉ.नरेंद्र सहस्त्रबुद्धे 9822011050🌸7


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