🌺सहस्र महावास्तू🌺 उस भवन मैं गए थे। 40 साल की बीवी और 46 साल का मियाँ बड़े दुख मैं थे। जीवन के प्रति निराश थे। पुरखोसे आए करोडों की मालमत्ता और ये मालमत्ता और फॅक्टरी चलाने वाला आगे कोई कोही नहीं। भवन मैं अग्नेय मैं कुवा, अग्नेय मैं बड़ा प्रांगण और उत्तर मैं शौचालय ऐसे स्तिथि थीं। जिसका निर्बल अग्नि और प्रदूषित जल कहते हैं। भवन मैं सुधार किया और 1 साल बाद आंगन मैं "गोपाल" आया। वास्तु गुणोत्कर्ष कल बताएंगे.......। ।।🌺सहस्र महा वास्तु🌺।। 🌈डॉ सहस्रबुध्दे ९८२२०११०५०


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